नया IT कानून - अब व्हात्सप्प पर चैट करते समय नहीं रहेगी कोई प्राइवेसी |

हाल ही में केंद्र सर्कार ने नया आईटीकानून जारी किया है जिसका उद्देश्य समाज में परदर्शिता और जिम्मेदारी लाना है इस नियम पर काफी ज्यादा विवाद पैदा हो गया है और दिल्ली हाई कोर्ट में इस नियम को व्हात्सप्प द्वारा खास चुनौती भी दी गई है | तो जानते है अब की आखिर क्या है ये नियम और क्यों इस पर इतना विवाद हो रहा है ?

यह है नया आईटी कानून :-

सुप्रीम कोर्ट के वकील  विराग गुप्ता ने बताया है की सोशल मीडिया पर फेसबुक व्हात्सप्प जैसी मीडिएटर अप्प को सुरक्षा दी गई है पर अगर वे नियमो का उल्लघन करते है तो उन्हें सुरक्षा नहीं मिलेगी |

नए नियमो के मुताबिक इन अप्प्स में शिकायतों के निपटने के लिए उन्हें एक शिकायत निपटान अधिकारी की नियुक्ति करनी होगी साथ ही प्रवर्तन अजेंसियो के साथ कोरडी नेट करने के लिए नोडल अधिकारी की भी नियुक्ति करनी होगी | इसके अलावा 50 लाख से ज्यादा यूजर्स वाले प्लेटफोर्म में अनुपालन अधिकारी की नियुक्ति करनी होगी इन सब अधिकारियो का कार्य ये ध्यान रखना होगा की नियमो का सही से पालन हो साथ ही ये सब अधिकारी भारतीय मूल के निवासी हो |

इन अप्प पर एसा कोई भी कंटेंट जो देश की सुरक्षा और बच्चो की सुरक्षा के खिलाफ हो वो हटाना होगा |

शिकायत अधिकारी को 24 घंटे के अन्दर शिकायत भेजी जाएगी और उसका निपटारा भी 15 दिन के अन्दर होगा |

अनुपालन अधिकारी हर एक महीने में अपनी रिपोर्ट देगा और साथ ही ये भी बताएगा को क्या कंटेंट हटाया और सभी शिकायतों और उनके निपटान का ब्यौरा देगा |

अगर कोर्ट का आदेश हो या फिर अधिकृत अधिकारी को ये जानकारी मिले की कंटेंट आपत्तिजनक है तो उसे हटाना होगा क्युकी एसा कंटेंट सार्वजिक करने में रोक लगानी होगी क्युकी इससे देश की अखंडता और संप्रभुता को खतरा हो सकता है | एंड टू एंड एन्क्रिप्तिओन के नाम पे सोशल मीडिया इससे बच रहे है |

एंड टू एंड एनक्रिप्शन क्या है ?

इसका मतलब ये है की अगर व्हात्सप्प पर कोई दो लोग बात कर रहे है तो उनके बीच के कंटेंट की जानकारी सिर्फ उन्हें हो होगी किसी दुसरे को इसकी कोई जानकारी नहीं होगी |

नए आईटी कानून की जरूरत क्यों पड़ी ?

सरकार अब OTT प्लातेफ़ोर्म को सूचना और प्रसारण मंत्रालय के दायरे में ले आई है और इसी उपलक्ष्य में सुप्रीम कोर्ट ने केद्र सरकार से कहा है की केंद्र सभी कंटेंट मुहैया कराने वाले प्लेटफोर्म, चाइल्ड पोर्नोग्राफी ,रेप , गैंग रेप की तस्वीरो वाली वेबसाइट को ख़तम करने के ऊपर गाइडलाइन्स तैयार करे | 

इस कानून को चुनौती देते हुए व्हात्सप्प ने क्या कहा ?

व्हात्सप्प ने  कहा की इस कानून की वजह से दो लोगो के बीच एंड तो एंड एनक्रिप्शन ख़तम हो जायेगा और डाटा की प्राइवेसी नहीं होगी जबकि व्हात्सप्प लोगो के बीच बात करने का एक पोपुलर माध्यम है काफी जरूरी बाते जैसे डॉक्टर और पेशेंट तथा वकील और क्लईंट के बीच की बाते सब इसी के द्वारा होती है पट एसा कानून लाये तो ये प्राइवेसी ख़तम हो जाएगी |

सरकार ने क्या कहा ?

सरकार का कहना है की सोशल मीडिया कंपनियों को ज्यादा जिम्मेदार बनना होगा और इसके लिए जो नियम बनाये गए है उनका जरूरी से पालन होना चाहिए तथा इन नियमो के पालन के लिए अनुपालन अधिकारी,शिकायत अधिकारी व् नोडल अधिकारी की नियुक्ति अनिवार्य है |

अधिकारियो की नियुक्ति का क्या फायदा होगा ?

देश में पोर्नोग्राफी , हिंसा ,देशद्रोही ,चाइल्ड अबुसिंगजैसे कंटेंट दिखाने पे रोक लगेगी |
देश में ये ऑफिसर नियुक्त होंगे जिससे रोजगार बढेगा 
देश की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी 
गलत कंटेंट नहीं दिखने से महिलाओ और बच्चो के खिलाफ अपराध कम होंगे |
पुराने आईटी कानून में जो कमिय थी उनमे सुधर होगा |






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